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रात नौ बजे आसमान से बरसी आफत, बारिश के साथ ओले गिरे

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महोबा। हमीरपुर और महोबा समेत समूचे बुंदेलखंड में रविवार को आसमान से आफत बरसी। बीते चार दिन से बारिश तो हो ही रही थी, शनिवार रात नौ बजे ओलावृष्टि ने किसानों पर कहर बरपा दिया। एक घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश और ओलों की वजह से रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में सरसों, चना, मटर व मसूर का पौध बिछ गई। नुकसान का सही आकलन बारिश बंद होने के बाद होगा। जगह जगह पक्षी भी मरे मिले। यहां शनिवार रात और रविवार को पूरा दिन गरज और चमक के साथ बारिश होती रही। बीच बीच में कई बार ओले भी गिरे। इससे शहरी व ग्रामीण जनजीवन अस्त व्यस्त है। गलियों में जलभराव व कीचड़ होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश थमने के इंतजार में लोग घरों में बैठे रहे। बारिश रुकने पर लोगों ने जरूरी काम निपटाया। मौसम विभाग ने रविवार को महोबा समेत प्रदेश भर के 18 जिलों के अलर्ट जारी किया है।
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हरियाली देखकर फूला नहीं समा रहा था किसान
चरखारी संवाद के अनुसार किसान इस वर्ष अपने खेतों में हरियाली देखकर फूला नहीं समा रहा था। ओले और बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया है। गौरहरी, गुढा, सूपा, नटर्रा के किसान जगदीश तिवारी व रमेश श्रीवास ने बताया कि बंधिया में खड़ी मटर की फसल जलमग्न हो गई है। अब यह सड़ जाएगी। जमा पूंजी से मटर का महंगा बीज खरीद कर बुवाई की थी। किसानों ने बीमा कंपनियों से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने जाने की मांग की है। पनवाड़ी संवाद के अनुसार पनवाड़ी, किल्हुआ, नकरा, जखा, देवगनपुरा, हेवतपुरा, सेंगरपूरा,सिकंदरा, गालोंन, सरगपुरा गांवों के किसानों ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान है। सरसों, राई, चना, मटर, अरहर, गेंहू, सब्जियों में आलू, टमाटर, प्याज, लहसून, धनिया की फसल बर्बाद हो गई है।
सैकड़ों पक्षियों की भी मौत
श्रीनगर संवाद के अनुसार बारिश एवं ओलावृष्टि से सैकड़ों पक्षियों की भी मौत हो गई। कई गांवों में खेतों और सड़कों में पक्षी मरे मिले। वन क्षेत्राधिकारी महोबा राजू श्रीवास का कहना है कि डिप्टी रेंजर और कर्मचारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। यहां के राजस्व निरीक्षक ने बताया कि क्षेत्र के श्रीनगर, कैमाहा, अतरार माफ, पिपरा माफ, लुहेडी, शमशेरा फुटेरा कर पहाड़िया ननोरा उरवारा चितैयन ढुडैया सिजहरी पलका बसोरा सलारपुर बरा समेत दो दर्जन गांव में किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। श्रीनगर के किसान राम प्रकाश तिवारी का कहना है कि बैंक से कर्ज लेकर खाद बीज खरीदा गया था। ओलावृष्टि से नुकसान हो गया। ननोरा एवं श्रीनगर सर्कल में फसलों की बर्बादी का आकलन करने के लिए लेखपालों की टीमें गांव पहुंच गई हैं। लेखपाल अजय कुमार तिवारी ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट उप जिलाधिकारी को दी जाएगी।
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जिनका बीमा, उन्हें राहत
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार जिन किसानों के किसान कार्ड बने हैं उनकी फसलों का तो बीमा किया गया है लेकिन अन्य किसानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। कबरई संवाद के अनुसार क्षेत्र के मकरबई, अलीपुरा, उटियाँ, धरौन, गहरा, बघारी, पहरा, महेवा, सिचौरा, लिलवाही, छानी कला, रिवई, सुकौरा, परशहा, पिडारी सहित पूरे क्षेत्र के किसानों की हजारों बीघा जमीन में खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। एसडीएम स्वेता पांडेय ने खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। खरेला संवाद के अनुसार प्रधान ज्ञानचंद्र कुशवाहा ने बताया कि गेहूं, मटर, चना, राई, सरसों, मसूर की 40 फीसदी फसल तबाह हो गई है। प्रगतिशील किसान स्कंध तिवारी, महेंद्र तिवारी, ब्रजनंदन अशोक सेन ने बताया की ओलावृष्टि से कई किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं हैं।
बोले किसान
-कर पहाड़िया गांव के किसान चाली राजा का कहना है कि फसल नष्ट होने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
-गहरा गांव के किसान अर्जुन सिंह का कहना है कि कुदरत के कहर से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
महोबा में पिछले 24 घंटे में 45 मिमी. बारिश हुई है। ओले भी गिरे हैं। पूरे जिले में रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। 11 जनवरी तक इसी तरह मौसम रहने का अनुमान है। किसानों ने अपील है कि फसलों को सड़ने से बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें।
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मुकेश चंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक, केवीके
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