केें द्र सरकार द्वारा एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की मंशा के तहत तेजी से की जा रही तैयारियों के बीच जिले के वाणिज्यकर महकमें ने भी व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। जिले में पंजीकृ त 3500 व्यापारियों के सापेक्ष 2100 व्यापारियों के जीएसटी कंवर्जन पासवर्ड मुख्यालय ने भेज दिए हैं। ताकि जल्द व्यापारी वैट अधिनियम से हटकर जीएसटी में जुड़ सके।
वाणिज्यकर के असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार से जीएसटी लागू करने की हरी झंडी मिलने के बाद आयुक्त वाणिज्यकर मुकेश मेश्राम ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। वैट में पंजीकृत व्यापारी जीएसटी में अपना कंवर्जन करा सकें।
जिले में 3500 व्यापारी वैट अधिनियम 2008 के अंतर्गत पंजीकृत है। इसमें 2100 पंजीकृत व्यापारियों के जीएसटी में कंवर्जन के लिए लॉग इन आईडी पासवर्ड आ चुके हैं। अभी तक कुल एक हजार व्यापारियों ने ही जीएसटी में कंवर्जन कराया है।11 सौ व्यापारियों न अभी तक जीएसटी के पासवर्ड का प्रयोग नहीं किया। बताया कि एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के कारण अनिवार्य रूप से सभी व्यापारियों को अपने पैन आधार टिन नंबर में अपडेट कराने होंगें तभी उनके पासवर्ड आएंगे।
हाल ही में 397 फ र्मों के पासवर्ड लखनऊ से आ चुके हैं। व्यापारी विभाग में आकर अपने-अपने वैध पैन टिन फर्म से मिलान वाले जमा कराएं। तभी वे जीएसटी में जुड़ सकेंगें। वाणिज्यकर आयुक्त उप्र शासन मुकेश मेश्राम ने जारी अपने आदेश में 15 मार्च तक हर जिले में वैट के पंजीकृज व्यापारियों को जीएसटी में कन्वर्जन कराने के निर्देश व्यापारियों को दिए हैं। ताकि प्रदेश में जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारियों का पूरा डाटाबेश लोड हो सके। इसके पहले तीन बार शासन उसकी तिथियां बढ़ा च़ुका है।