समझौते पर हस्ताक्षर करते एक्सईएन।
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मनमाना बिजली बिल भेजने और बिजली उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किए जाने के विरोध में 88 दिन से चल रहा बुंदेली समाज का अनशन शनिवार को लिखित समझौते के बाद समाप्त हो गया। बुंदेली समाज ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के अंदर समझौते में लिखी गई शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो बुंदेली समाज आमरण अनशन करेगा।
मालूम हो कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने एक साल पहले बिजली मीटर का लोड बढ़ा दिया था। जिससे बिजली का बिल बढ़कर आने लगा। वहीं लगाए गए कंप्यूटराइज मीटरों के तेजी से भागने के कारण भारी बिजली का बिल आ रहा था। बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी का विरोध अप्रैल से बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार के नेतृत्व में शुरू हुआ था। 88 दिन बाद शनिवार को उपजिलाधिकारी नंहकू, सीओ सदर धनंजय कुशवाहा और बिजली विभाग के एक्सईएन नंनू सिंह व एसडीओ राहुल ने अनशन स्थल पहुंचकर अनशनकारियों से मुलाकात की।
अनशनकारियों ने महोबा में लगाए गए मीटर बदले जाने, पूरी मीटर रीडिंग बिल में दर्शाए जाने, जब तक बिल संसोधित न हो जाएं उपभोक्ताओं को परेशान न करने, एक माह के अंदर सभी बिल संसोधित कि ए जाने, नगर के सभी वार्डों में रोस्टर के अनुसार समाधान केेंद्र खोले जाने, बिजली कटौती की सूचना अखबार में दिए जाने, बिजली बिल घोटाले की सीबीआई व उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई। इन शर्तों पर मौजूद अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद अनशनकारियों का अनशन खत्म कर दिया।