संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। सात वर्षीय बालिका को खेत में ले जाकर दुष्कर्म करने में अदालत ने 15 दिन में फैसला सुनाया है। दोषी को 21 साल कैद व 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 10 दिन पहले भी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम के न्यायाधीश ने दुष्कर्म के मामले में 21 दिन में फैसला सुनाया था।
कस्बा कबरई के एक मोहल्ला निवासी युवक ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 20 जनवरी 2023 की शाम उसकी सात वर्षीय पुत्री बकरी चराने प्लाट गई थी। तभी मोहल्ले का ही रामबाबू उर्फ चिक्की उसकी पुत्री के पास पहुंच गया और दुकान से गुटखा लाने की बात कही। बालिका गुटखा लेने गई तो रामबाबू उसकी पुत्री को सरसों के खेत में ले गया। वहां अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म किया। बालिका के शोर-शराबा मचाने पर मां खेत की ओर दौड़ी तो आरोपी मौके से भाग निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए छह फरवरी को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय ने नौ फरवरी को अभियुक्त रामबाबू के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए थे। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा और अमन कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमे में आठ गवाह पेश किए गए। दोष सिद्घ होने पर रामबाबू उर्फ चिक्की को सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।