महोबकंठ (महोबा)। थाना महोबकंठ के गड़ोरा गांव में कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर जान दे दी। किसान पर अलग-अलग बैंकों का करीब 10 लाख रुपये कर्ज था। दो माह पहले कर्ज अदायगी के लिए बैंक का नोटिस भी आया था। बेमौसम बारिश से फसल में भी नुकसान होने और कर्ज अदायगी की चिंता में वह परेशान रहता था। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
गड़ोरा गांव निवासी उमाशंकर (70) आठ एकड़ भूमि में खेती-किसानी करता था। उसने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से कर्ज लिया था। जो 2.27 लाख हो गया था। इसके अलावा इंडियन बैंक पनवाड़ी, कोऑपरेटिव बैंक व ट्रैक्टर का भी ऋण था। ग्राम विकास बैंक ने दो फरवरी को कर्ज अदायगी के लिए किसान को नोटिस भेजा था। इससे किसान परेशान रहता था। मंगलवार की रात उमाशंकर ने कमरे के अंदर से कुंडी लगाकर जहर खा लिया। इससे हालत बिगड़ गई। कोई आहट न मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो किसान अचेत मिला। तब उसे परिजन जिला अस्पताल लाए। डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे सत्यदेव ने बताया कि पिता कर्ज अदायगी को लेकर परेशान रहते थे। इस बार फसल में भी बेहतर पैदावार नहीं हुई। नोटिस आने के बाद से कर्ज की अदायगी कैसे होगी, इसकी चिंता पिता को सता रही थी। इसी सदम में उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। थानाध्यक्ष विनोद कुमार सरोज का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।