कबरई (महोबा)। नगर पंचायत कबरई के बंद कमरे में नोटों की गड्डियां गिनने का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। सभासदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस घटना का ब्योरा देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि करीब एक बजे दो बाहरी व्यक्ति एक बैग लेकर नगर पंचायत में बने अधिष्ठान कक्ष में पहुंचे और अंदर चले गए। तभी नगर पंचायत के कर्मचारी जो पहले से कमरे में थे तो उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इससे वहां मौजूद अन्य लोगों को कुछ संदेह हुआ। मामले की हकीकत जानने के लिए लोग ईओ ऑफिस में लगे सीसीटीवी डिस्पले को देखने के लिए पहुंचे तो वह दंग रह गए। लोगों ने अपने मोबाइल में रिकार्डिंग को कैद किया। इसमें देखा गया कि बैग से नोटों की गड्डियां निकालकर मेज पर रखी गई और दो कर्मचारियों की ओर से गिनती शुरू की गई।
इसकी जानकारी होने पर सभासद प्रेमचंद्र चौरसिया, सुमित वर्मा, भवानीदीन रैकवार, हेमराज शिवहरे, चंदन श्रीवास आदि ने ईओ सूर्यप्रकाश को लिखित सूचना देकर नकद धनराशि का ब्योरा देने और 12 बजे से दो बजे के बीच का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने व उपलब्ध कराने की मांग की। उधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सूर्यप्रकाश का कहना है कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में कर्मचारियों से पूछताछ की गई। नगर पंचायत कबरई में भूसा आपूर्ति का कार्य फर्म मेसर्स पांडेय ग्रुप की ओर से किया जा रहा है। उस फर्म ने दो सप्लायरों से भूसा की आपूर्ति नगर पंचायत की ओर से संचालित कान्हा गोशाला में कराई थी। दोनों सप्लायरों को धर्मकांटा पर्ची के आधार पर अलग-अलग भुगतान किया जाना था लेकिन धर्मकांटा पर्ची को लेकर मतभेद होने के चलते दोनों को सात अप्रैल को पांडेय ग्रुप के प्रोपराइटर सौरभ पांडेय नगर पंचायत के अधिष्ठान कक्ष भुगतान कराने के लिए आए थे। वायरल वीडियो में नगर पंचायत के किसी कर्मचारी व नगर पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है।