फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांध, तालाब सूखने से 80 फीसदी भूमि पड़ती परती

Fri, 20 Nov 2015 11:34 PM IST
अमर उजाला महोबा
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। जिले में सिंचाई के पर्याप्त संसाधन होने के बाद भी किसानों को सिंचाई की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश न होने से किसान बुवाई नहीं कर पा रहे है। जिससे जिले की 80 प्रतिशत भूमि परती पड़ी है।
विज्ञापन

जिले में 875 तालाब, 19000 कुएं, 418 चेकडैम, 101 नहरें और 6 बांध हैं। जिनके माध्यम से जिले भर में सिंचाई की जाती है। लेकिन इस साल बारिश न होने से बांधों, तालाबों और नहरों में धूल उड़ रही है। बारिश न होने से तेजी से घट रहे जलस्तर से कुओं का पानी भी 15 से 20 फिट नीचे चला गया है।
 जिससे किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे है। पिछले दो सालों से बारिश न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रबी और खरीफ की दोनों फसलें बर्बाद हो जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। लेकिन किसान अभी भी बारिश की उंमीद लगाए बैठे है।
विज्ञापन

 किसानों का कहना है कि अभी भी बारिश होने से 30 प्रतिशत तक बुवाई हो सकती है। कुओं के पानी से सिंचाई करके थोड़ी बहुत फसल की पैदावार हो सकती है, लेकिन प्रकृति के रुठ जाने से किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यही वजह है कि जिले की 2.15 लाख हेक्टेयर भूमि पर बुवाई करने के बजाय किसान मात्र 20 हजार हेक्टेयर में मुश्किल से बुवाई कर सकेंगे।

अन्ना जानवर बने मुसीबत
इस साल जानवरों के खानपान का कोई इंतजाम न होने से पशुपालकों ने अपने जानवरों को खुला छोड़ दिया हैं, जिससे किसान सिंचाई करने में कतरा रहे हैं। किसानों को अन्ना जानवरों का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि कुओं से थोड़ी बहुत जमीन में बुवाई करने के बाद भी अन्ना जानवरों का खतरा बना है। उनका कहना है कि ज्यादातर किसानों के बुवाई न करने के कारण बुए हुए खेतों को बचाना मुश्किल हो गया है।

पठारी क्षेत्र होने से नलकूप नहीं होते सफल
बुंदेलखंड पठारी क्षेत्र होने के कारण जिले में नलकूप सफल नहीं हैं। यही वजह है कि यहां पर मात्र चार नलकूप हैं, जिससे कृषि योग्य बड़े भूभाग को सिंचित करना संभव नहीं है। पठारी क्षेत्र होने के कारण कुओं में भी पर्याप्त पानी नहीं रहता है। कुओं का रखरखाव और मरम्मत न कराए जाने से अधिकतर कुओं का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है।

जिले में सिंचाई के लिए 101 नहरें हैं, लेकिन इस साल नहरों में पानी न होने के कारण नहरें सूखी पड़ी हैं,  साथ ही बांधों और तालाबों में पानी न होने के कारण इस साल नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। किसान कम पानी वाली फसल की बुवाई करें।
विज्ञापन

                    विशम्भर सिंह
        अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग महोबा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें