महोबा जिले में अब तक 1,300 प्रवासी मजदूर आ चुके हैं। सभी श्रमिकों की जांच कराकर क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। कुछ मजदूर चोरी छिपे भी गांव में रह रहे हैं, जबकि करीब 20 हजार से ज्यादा यूपी-एमपी के कैमाहा बॉर्डर से विभिन्न जिलों के लिए निकल चुके हैं। अभी भी श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली और मध्यप्रदेश से ट्रकों व अन्य वाहनों से जिले में श्रमिकों का आने का सिलसिला जारी है। इसके अलावा गाजियाबाद से आई विशेष ट्रेन से भी 240 प्रवासी श्रमिक आए थे। गांव से आने वालों के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
गांव-गांव में आए श्रमिकों को क्वारंटीन केंद्रों की अवधि पूरी करने के बाद ग्रामीणांचलों में बने स्कूलों में भी रखा जा रहा है। हालत यह है कि कोई भी श्रमिक के चोरी-छिपे आने पर ग्रामीण तत्काल पुलिस को सूचना दे रहे हैं।