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ईद पर भी बाजारों में नहीं जुट रही भीड़

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महोबा। ईद पर्व पर भी इस साल बाजार में भीड़-भाड़ और चहल-पहल नहीं दिखाई दे रही है। सिवईयों, सूतफेनी और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में सन्नाटा पसरा है। यह पहला ऐसा मौका है जब ईद का त्योहार करीब होने के बाद भी दुकानों से ग्राहक नदारद हैं। इससे कारोबारियों को भी खासा नुकसान हो रहा है।
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ईद त्योहार के मद्देनजर ज्यादातर दुकानदारों ने मार्च में ही एडवांस में माल मंगा लिया था। ईद से एक महीने पहले शुरू होने वाली बिक्री लॉकडाउन की भेंट चढ़ गई। ईद के चंद दिन पहले लॉकडाउन में छूट मिलने पर बाजार खुले, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप बिक्री नहीं हो रही है। कारण, कपड़े खरीदने के बाद भी ईद तक सिल पाना नामुमकिन हो गया है। ऐसी स्थिति में लोग खरीदारी नहीं कर रहे हैं। साथ ही लॉकडाउन के चलते ईद में घरों पर भीड़-भाड़ न जुटने के कारण लोग सिवई और मेवा, मसाले की भी खरीदारी नहीं कर रहे हैं। ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज न होने की वजह से भी लोगों का नए कपड़ों के प्रति रुझान नहीं है। इससे भी खरीदारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ईद त्योहार पर सबसे ज्यादा गुलजार रहने वाली चूड़ियों की दुकानें सूनी पड़ी हैं। महिलाएं भी इस दफा ईद का त्योहार सादगी से मनाने का मन बना चुकी हैं। यहीं वजह है कि जनरल स्टोर की दुकान हो या चूड़ी की। सभी दुकानों में सन्नाटा नजर आ रहा है।
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ईद त्योहार में बाजारों में जगह-जगह ठेलियों और फुटपाथ पर बिकने वाली टोपियां भी बाजार से गायब हैं। लॉकडाउन के चलते रंग-बिरंगी टोपियों की पूर्व में खरीदारी नहीं हो पाई। वहीं, जूतों की दुकानों में जुटने वाली भीड़ इस बार नहीं दिखाई दे रही हैं। इससे दुकानदार मायूस हैं।
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