अजनर (महोबा)। भगवान की शरण में रहने से कभी कष्ट नहीं होता। गोकुल वासियों पर जब विपत्ति आई, श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी रक्षा की। यह बात कस्बा अजनर के प्राचीन बड़ी माता मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथावाचक पं. राजकुमार शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी है। उनकी छांव में सब सुरक्षित है।
कथावाचक ने कृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि निर्धनता में जब सुदामा भगवान कृष्ण के पास पहुंचे तो द्वारपाल ने रोक लिया।
श्रीकृष्ण को सुदामा के आने की सूचना मिली तो वह स्वयं दौड़े चले आए और सुदामा को लगे लगाते हुए आदर के साथ महल में ले गए। कथा के दौरान पुष्पेंद्र सक्सेना, बुद्ध प्रकाश, सोनू सेठ, जयपाल सिंह, गोविंद प्रसाद, बृजेंद्र द्विवेदी व डॉ. सुरेश पाठक आदि मौजूद रहे।