महोबा। गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली ऐतिहासिक गोरखगिरि पहाड़ के नीचे स्थित शिवतांडव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर में स्थापित तांडव करती शिव प्रतिमा उत्तर भारत में अपने किस्म की अनोखी प्रतिमा है। मान्यता है कि शिव तांडव प्रतिमा के दर्शन कर मत्था टेकने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। महाशिवरात्रि व सावन के सोमवार को यहां दूर-दूर से भक्त आते हैं।
जनश्रुति के अनुसार 11वीं शताब्दी में चंदेल शासक ने ग्रेनाइट शिला पर इस दस भुजी शिव तांडव प्रतिमा का निर्माण कराया था। इतिहासकार डॉ. एलसी अनुरागी बताते हैं कि इसका वर्णन कर्म पुराण में भी मिलता है। इस प्रकार की प्रतिमा दक्षिण में ऐलोरा, हेलविका व दारापुरम में भी है।
उधर, महाशिवरात्रि पर्व को लेकर यहां के शिवमंदिरों में तैयारियां पूरी हो गई हैं। शहर के ऐतिहासिक शिवतांडव मंदिर, बलखंडेश्वर मंदिर, द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, बड़ी चंद्रिका स्थित शिव मंदिर समेत सभी शिवालयों में गुरुवार को शिवरात्रि पर्व पर भोर से ही भक्तों की भीड़ जुटेगी।
वहीं, मंदिर के सुंदरीकरण व पर्यटन विकास को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार की मुहिम रंग ला रही है। गोरखगिरि व मंदिर के विकास के लिए बजट जारी हो गया है। इससे मंदिर मार्ग, सुंदर लाइटिंग, कुर्सियां व अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैैं।