महोबा। गांधीनगर स्थित चित्रगुप्त मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर सोमवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं। 16 फरवरी को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी। 18 फरवरी को भंडारे के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन होगा।
नवनिर्मित चित्रगुप्त मंदिर में राम दरबार, भगवान शिव व भगवान चित्रगुप्त की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई जा रही है। 12 फरवरी को कलश यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुआ। प्रतिदिन मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन व कथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को भगवान की प्रतिमा को बग्घी में सवारकर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मंदिर से शुरू होकर आल्हा चौक, रामकथा मार्ग, चरखारी बाईपास मार्ग होते हुए गुजरी। शोभायात्रा में शामिल महिलाएं धार्मिक गीत गाते चलतीं रहीं।
शोभायात्रा के बाद आयोजित कथा में वृंदावन से आए आचार्य लोकेश गर्ग ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त सृष्टि के प्रथम न्यायाधीश है। उन्हें न्याय का देवता माना जाता है। वेदों के अनुसार धर्मराज चित्रगुप्त अपने दरबार में मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखाजोखा करके न्याय करते हैं। संयोजक गिरजेश खरे ने बताया कि 16 फरवरी को भगवान की मूर्तियों की प्रतिष्ठा कराई जाएगी। 17 फरवरी को पूर्ण आहूति और 18 फरवरी को भंडारा होगा। शोभायात्रा व भागवत कथा में सुलभ सक्सेना, मनीष, प्रमोद सक्सेना, सरस खरे, राकेश मोहन श्रीवास्तव, अंकुर शिवहरे, अधिवक्ता निशांत खरे, सुशांत खरे आदि मौजूद रहे।