महोबा/पनवाड़ी/ कुलपहाड़/ कबरई/ बेलाताल। जिले में शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की बची उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी रबी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
पनवाड़ी संवाद के अनुसार तेली पहाड़ी गांव में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि हुई है। 80 फीसदी तिलहनी फसलें बर्बाद हो गईं है। इसके अलावा ओलावृष्टि खेरोकला, महोबकंठ, तेईया,उमरई, टिकरिया, कनकुआ, मड़वारी, धवार, घुटई में भी फसलें बर्बाद हुई है जहां 70 फीसदी नुकसान है। महुआ निवासी किसान सुरेश यादव ने बताया कि कर्ज लेकर खेती की थी। ग्राम नकरा के उदयभान राजपूत ने शासन-प्रशासन और बीमा कंपनी से मुआयना कर हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। सिर्फ गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। पूर्व कृषि वैज्ञानिक व शोधकर्ता बीके सचान का कहना है कि दलहन और तिलहन में 50फीसदी नुकसान है।
श्रीनगर संवाद के अनुसार फसलों में पानी भर गया सबसे ज्यादा नुकसान मटर की फसल को हुआ है। सिजहरी के किसान इंद्रपाल राजपूत कहते हैं कि उन्होंने 30 बीघा जमीन में मटर की बुवाई की थी पानी भरने से सारी फसल बर्बाद हो गई पवा गांव के किसान कल्लू का कहना है कि मटर के खेतों में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है।
कबरई संवाद के अनुसार ओले गिरने से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। बेलाताल संवाद के अनुसार दो दिन से हो रही बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
24 घंटे में 32 मिमी. बारिश हुई है। वहीं कई स्थानों पर ओलावृष्टि की जानकारी मिली है। मूसलाधार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। जिसे किसानों को निकालना चाहिए जिससे फसलें सड़ने से बच सकें। रविवार को हल्की बारिश हो सकती है, दिन में बादल छाए रहेंगे।
मुकेश चंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक केवीके