महोबा। जिले में हुए फसल बीमा घोटाले में ठगी का शिकार ऐसे-ऐसे किसान हुए हैं, जिनके खेतों में खूब अच्छी फसल हुई लेकिन उनकी जमीन पर फर्जी फसल बीमा कराते हुए घोटालेबाजों ने भारी-भरकम क्लेम निकाल लिया। अपने साथ हुई ठगी की जानकारी लगने के बाद किसान अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलीभगत करके किसानों की जानकारी के बिना ही उनकी जमीनों पर फसल बीमा कराया और भारी भरकम क्लेम हड़प लिया। कई जगहों पर नदी, नालों, तालाबों, मंदिर व सरकारी जमीनों में भी फसल की बोआई दिखाकर फसल बीमा कराया गया। इस तरह से जिले के किसानों के हक के लिए आए 88 करोड़ रुपये में से करीब 40 करोड़ रुपये की रकम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई और किसान ठगी का शिकार हो गए।
मामले को हाल ही में सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने विधानसभा में उठाकर मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है तो वहीं दूसरी ओर जय जवान जय किसान यूनियन के बैनर तले किसान सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इसके बाद भी घोटालेबाजों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
बता दें, करीब 10 दिन पहले जिले के अजनर के भगारी गांव में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे थे और उन्होंने अपने साथ फसल बीमा के नाम पर हुई ठगी की शिकायत जिला प्रशासन से की थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के वीरेंद्र दीक्षित, ठाकुरदास, मोतीलाल समेत कई अन्य ग्रामीण भी ऐसे हैं जिनके नाम से बीमा क्लेम निकाल लिया गया लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला है।
जिन लोगों को पता चला उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही है। भगारी के साथ ही बघोरा, कर्रीजदीद, पसानाबाद, नगाराडांग आदि छह से अधिक गांवों में कई किसानों की जमीनों को दलालों ने अपनी जमीन बताकर फसल बीमा कराया और क्लेम हड़प लिया है। किसानों का कहना है कि शिकायत करने के बाद से अब तक किसी ने भी जांच के संबंध में उनसे कोई संपर्क नहीं किया है।