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कम पैदावार देख दो किसानों की सदमे से मौत

Fri, 23 Mar 2018 10:14 PM IST
mahoba
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रोते बिलखते के परिजन, - फोटो : amarujala
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महोबा/चित्रकूट। कम पैदावार देख और बैंक के कर्ज से बेहाल महोबा जिले में जहां एक किसान की सदमे से मौत हो गई, वहीं चित्रकूट में भी खराब फसल और बेटी की चिंता की वजह से एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। महोबा में सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव परिजनों को सौंप दिया, जबकि चित्रकूट में किसान के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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महोबा जिले के थाना कबरई के ग्राम सुरहा ग्राम सुरहा निवासी दयाराम (65) के पास करीब 60 बीघा भूमि है। इस बार उसने खेतों में चना, मटर और गेहूं की फसल बोई थी। सूखा पड़ने से खेतों की बेहतर सिंचाई नहीं हो सकी। साथ ही ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। एक पखवारे पहले बची फसल पक जाने पर उसे कटवाकर खलिहान में एकत्र कराया गया। मड़ाई के बाद 10 बीघा में बोया गया मटर में केवल एक बोरा मटर ही निकला। इसी तरह गेहूं और चना की फसल की कम पैदावार हुई। फसल की बर्बादी देख किसान को खेत में ही अटैक पड़ गया और वह अचेत होकर जमीन पर गिर गए। आनन फानन में परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई लाए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

किसान के पुत्र कल्याण सिंह ने बताया कि पिता ने साल 9 जनवरी 2014 को इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक महोबा से किसान क्रेडिट कार्ड पर पांच लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर छह लाख से अधिक हो गया था। बैंक कर्ज की अदायगी को लेकर भी पिता अक्सर चर्चा करते थे। बताया कि वह तीन भाई थे। एक भाई की मौत हो चुकी है। वह और उसका भाई भूरा खेती किसानी के साथ ड्राइवरी का काम करते हैं, जबकि पिता पूरी खेती देखते थे। ग्राम प्रधान निरंजन सिंह ने बताया कि गांव में अन्ना मवेशी अधिक है। अन्ना मवेशी किसानों की फसल नष्ट कर दी है। किसानों को भारी नुकसान है। उधर, उपजिलाधिकारी सदर रामहर्ष मौर्य का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। राजस्व टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।
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उधर, चित्रकूट जिले के राजापुर थाना क्षेत्र के अनीपुर निवासी किसान रामकृष्ण सिंह (58) गुरुवार देर शाम को खेत से घर लौट रहे थे। घर पहुंचते ही अचानक दिल का दौरा पड़ने से वह बेहोश होकर गिर गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर आए, जहां डाक्टरों ने मौत की पुष्टि की। रामकृष्ण के दो पुत्र तीन पुत्रियां हैं। सबसे छोटी पुत्री क ा विवाह इसी साल होना था। रामकृष्ण के पुत्र योगेंद्र सिंह ने दावा किया कि खराब फसल और पुत्री के विवाह की चिंता के कारण पिता को हार्ट अटैक पड़ा है। जिला पंचायत सदस्य जय राज सिंह ने कहा कि किसान का परिवार गरीब है, उसे सरकारी मदद मिलनी चाहिए। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बिना पोस्टमार्टम कराए परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने किसान का अंतिम संस्कार भी कर दिया है।  
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फोटो परिचय-2- महोबा में किसान की मौत से रोते बिलखते परिजन।
 
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