जाम लगाने की कोशिश कर रहे पीड़ित परिवार को समझाते चरखारी सीओ
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खरेला महोबा। थाना खरेला के ग्राम कुडार में कुल्हाड़ी से जानलेवा हमले से घायल युवक की 14 दिन बाद इलाज दौरान मौत हो गई। गुरुवार को शव लेकर गांव पहुंचे परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दाह संस्कार करने के बजाय शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा काटा। कुडार चरखारी संपर्क मार्ग में जाम लगाने की कोशिश की। चरखारी पुलिस क्षेत्राधिकारी ने सूचना पर पहुंचकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया और पुलिस की मौजूदगी में दाह संस्कार कराया।
थाना खरेला के ग्राम कुडार निवासी नरेश लोधी (40) पुत्र चंद्रभान पर 13 फरवरी को शाम करीब 7 बजे घर आते समय घात लगाकर बैठे गांव के ही दृगपाल पुत्र भगवती राजपूत ने कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया था। मरणासन्न हालत में नरेश को चरखारी सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल पर रेफर किया गया।
जहां सुधार न होने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी भेज दिया गया था। इलाज दौरान बुधवार को नरेश की मौत हो गई थी। गुरुवार को गांव पहुंचे शव का दाह संस्कार करने के बजाय पीड़ित परिवार ने हमलावर के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई को लेकर शव को चरखारी कुडार मार्ग के बीच सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की।
करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ सड़क पर जाम लगाने की सूचना पर पहुंचे चरखारी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र यादव और खरेला थानाध्यक्ष ब्रजेश बहादुर ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को किसी तरह मशक्कत करके उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। सीओ ने कहा पीड़ित परिवार द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया है अभियुक्त को दबिश देकर तुरंत दूसरे दिन पकड़कर जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने न्यायिक कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए कहा कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भी गहन जांच कराएंगे। खरेला थानाध्यक्ष ने पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में कराया और बताया कि धारा 307 में मामला पहले ही दर्ज करके हमलावर को जेल भेज दिया गया था। ग्रामीणों के बर्गलाने की बजाय से पीड़ित परिवार ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश अवश्य की। विवेचना में हत्या का मामला और जोड़ा जाएगा।