अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) रामकुशल सिंह ने किशोरी के साथ गैंग रेप के मामले में दोष सिद्ध हो जाने पर चार लोगों को 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। दो लोगों पर दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया गया।
कस्बा चरखारी के एक मोहल्ला निवासी 15 वर्षीय किशोरी 11 जनवरी 2015 की शाम को मोहल्ले में गुटखा लेने गई थी। ठंड होने के कारण रास्ता सुनसान था। तभी कस्बे के ही इरफान, सोनू मुंह दबाकर उसे एक दुकान के पीछे खंडहर में ले गए। जहां पर दो लोग पहले से मौजूद थे।
आरोपियों ने किशोरी को शराब पिलाकर उसके साथ बारी बारी से बलात्कार किया। होश में आने पर किशोरी अपने घर पहुंची और उसने अपने साथ घटी घटना की जानकारी परिजनों को दी। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने 13 जनवरी 2015 को इरफान उर्फ गोलू, शानू व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अदालत में इरफान उर्फ गोलू, इरफान द्वितीय, इमरान उर्फ छोटू, शानू, रीतेश, मानवेंद्र उर्फ कल्लू समेत छह लोगों की चार्जशीट पेश की।
गुरुवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद इरफान उर्फ गोेलू, इरफान, रीतेश और कल्लू को गैंग रेप का आरोपी साबित होने पर चारों को 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने की। बताया कि शानू और छोटू उर्फ इमरान पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।