अपर जिला सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी का दूसरा साथी फरार है, जिससे उसकी सुनवाई टल गई।
शहर के मोहल्ला दुबयानापुरा निवासी रिटायर्ड सिपाही वृंदावन दुबे घर में अकेला रहता था। 24 फरवरी 2006 की रात को कुछ लोगों ने मंदिर परिसर में बने कमरे में घुसकर उसकी हत्या कर सामान लूट ले गए थे। सूचना मिलने पर बाहर रह रहे वृंदावन के बेटे प्रदीप द्विवेदी ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मोहल्ला टिकरीपुरा निवासी नंदकिशोर पुत्र परशुुराम यादव को पकड़ कर पूछतांछ की तो उसने घटना कबूल की। पुलिस ने नंदकिशोर के पास से बाइक और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली।
उसकी निशानदेही पर उसके साथी कमलेश पुत्र मनीराम निवासी कीरतसागर के पास से अन्य सामान बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। अपर जिला जज ने शनिवार को दोनों पक्ष के गवाह सुनने के बाद नंदकिशोर को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि दूसरा आरोपी कमलेश मुकदमा के दौरान फरार हो गया था। जिससे उसकी फाइल हटा दी गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुकदमा चलाया जाएगा।