खेत से जबरन बालू निकालने का विरोध करने से नाराज तीन लोगों ने किसान को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए अपने ही साथी पर गोली मारकर घायल कर दिया।
इसके बाद किसान पर्वत सिंह सहित तीन के खिलाफ जान से मारने के प्रयास का मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच करने पर तहरीर देने वाले ही दोषी पाए गए। पुलिस ने आशीष महाराज, उसके भाई मनीष सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
भटेवर गांव निवासी पर्वत सिंह उर्फ हलकुट्टा के खेत में बारिश के दौरान बालू आ जाने के कारण दो माह पहले आशीष महाराज, उसका भाई मनीष जबरन उसके खेत से बालू निकाल रहे थे। विरोध करने पर आशीष मनीष ने पर्वत सिंह की घर में घुसकर पिटाई कर दी थी।
साथ ही भतीजी से छेड़खानी की थी। पर्वत सिंह ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे दोनों भाई पर्वत सिंह से रंजिश मानने लगे। किसान को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए अपने एक साथी ज्ञानसिंह को एक लाख रुपये का लालच देकर उसके पैर में गोली मारने की योजना बनाई।
मंगलवार की रात को ज्ञानसिंह को अपने घर के पास बुलाया और उसके पैर में तमंचे से गोली मारकर घायल कर दिया। बाद में ज्ञानसिंह के भाई से कोतवाली में अपने दुश्मन पर्वत सिंह, आशू भदौरिया व इस्राइल उर्फ मामू के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करा दिया।
पुलिस ने शक होने पर घायल ज्ञानसिंह से सख्ती से पूछताछ की तो ज्ञानसिंह ने सारा राज खोल दिया। पुलिस अधीक्षक एन कोलांची ने बताया कि घटना का खुलासा होने के बाद आशीष महाराज, उसके भाई मनीष और पंकज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के पास तमंचा व कारतूस बरामद किए गए है।
झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए साथी पर चलाई गोली
पूछताछ में पुलिस ने घटना का किया खुलासा
बालू निकालने को लेकर हुए विवाद में दुश्मन को फंसाने की रची थी साजिश