महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी सुरेंद्र नाथ ने हर्ष फायरिंग से घायल हुए किशोर के मामले में तीन साल बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना अजनर के ग्राम बछेछर कला में 5 मार्च 2015 को अरुण राजपूत के बेटे का कुआं पूजन कार्यक्रम चल रहा था। तभी गांव का असेंद्र 14 पुत्र जगत सिंह कुआं पूजन कार्यक्रम में चल रहे गीत संगीत कार्यक्रम को देखने पहुंच गया। असेंद्र दरवाजे पर खड़ा था उसी समय अरुण राजपूत ने तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी, जिससे गोली असेंद्र की छाती में जा लगी। असेंद्र को लहुलूहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उसकी गोली निकाल ली गई। 15 मार्च 2015 को घायल असेंद्र के पिता जगत सिंह ने थाना अजनर में अरुण राजपूत के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अरुण सिंह को गंभीर रुप से घायल करने का आरोपी ठहराते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई साथ ही तीन हजार का जुर्माना भी ठोंका। दफा 25 में दो साल की सजा और दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी और दोनों सजाए साथ-साथ चलेगी।
हर्ष फायरिंग के मामले में आरोपी को तीन साल की सजा
-अदालत ने पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका