महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी 2016 संतोष कुमार मौर्या ने हत्या के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता शिवरतन वर्मा ने की।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिरतला निवासी संजय दीक्षित पुत्र वासुदेव दीक्षित अपने भटीपुरा स्थित मकान में चचेरे भाई हरीओम के साथ सो रहा था। हरीओम कर्मकांड में खासा निपुण था। जिससे उससे कार्य बढ़िया चलता था। हरीओम के कारण संजय दीक्षित का कर्मकांड का कम चलता था। जिससे वह हरीओम से जलने लगा और रात में उठकर संजय दीक्षित ने हरीओम को तमंचे से गोली मार दी। जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े पापा वासुदेव दीक्षित ने अपने ही आरोपी बेटे के संजय दीक्षित के खिलाफ कोतवाली में दर्ज कराई थी।
अपर जिला जज ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद संजय दीक्षित को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी की आजतक जमानत नहीं हुई है।
हत्या के मामले में चचेरे भाई को आजीवन कारावास
-अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका