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करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं ब्लाक प्रमुख कबरई व उनके साथी

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महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत के मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित होने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी कबरई ब्लॉक प्रमुख व प्रसपा के प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव व अन्य आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया है। ब्लॉक प्रमुख व उनके साथी करोड़ों की संपत्ति के मालिक बताए जा रहे हैं। चार्जशीट दाखिल करने से पहले पुलिस आरोपियों के बयान लेने झांसी, हमीरपुर व महोबा जेल जाएगी।
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चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायण द्वारा गठित एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में बांदा के अतर्रा सर्किल में तैनात सीओ आनंद कुमार पांडेय, क्राइम ब्रांच बांदा के इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी व हमीरपुर में तैनात इंस्पेक्टर विक्रमाजीत सिंह को शामिल किया गया है। एसआईटी गठित होने के बाद पुलिस एक-एक बिंदु की बारीकी से जांच कर रही है।
60 लाख रुपये वसूली और आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में मुख्य आरोपी छत्रपाल यादव हमीरपुर और उनका भतीजा विक्रम यादव झांसी जेल में निरुद्घ है, जबकि शेष पांच आरोपी आनंद मोहन, रवि सोनी, मनीष चौबे, अंकित सोनी व अभय प्रताप सिंह महोबा जेल में बंद हैं। पुलिस आरोपियों के बयान लेने संबंधित जिलों में जाएगी। पुलिस ने ब्लाक प्रमुख व अन्य आरोपियों की संपत्ति के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है। ब्लाक प्रमुख और उनके साथियों के पास करोड़ों की संपत्ति होने की बात सामने आई है। पुलिस जल्द ही उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई करेगी।
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वहीं, सीओ आनंद कुमार पांडेय का इस बाबत कहना है कि अभी तक आदेश नहीं मिला है। आदेेश मिलते ही महोबा पहुंचकर मामले की जांच शुरू की जाएगी।
यह है मामला
महोबा। समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने कबरई ब्लाक प्रमुख छत्रपाल यादव व उनके चार साथियों पर 60 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए सात फरवरी को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद छत्रपाल व उसके साथी लगातार दबाव बनाते हुए धमकी दे रहे थे। इससे परेशान होकर अधिवक्ता ने 13 फरवरी की रात अपने घर पर लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में ब्लाक प्रमुख समेत सभी सात आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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