महोबा। दो साल पहले पांच वर्षीय बालक के साथ कुकर्म किए जाने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने अभियुक्त को पुलिस हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी बालक दरवाजे पर खेल रहा था। तभी गांव का ही रामबाबू 17 जुलाई 2018 को बालक को टॉफी खिलाने बहाने घर के पीछे झाड़ियों में ले गया। वहां पर उसके साथ कुकर्म किया। रोते हुए घर पहुंचे बालक ने घटना की जानकारी दी। पिता ने उसी दिन कोतवाली में रामबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद रामबाबू को कुकर्म का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेेगी।