महोबा। किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म के चार वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) संतोष कुमार यादव ने गुरुवार को फैसला सुनाया। साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 13 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
खन्ना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी चार छोटे भाई-बहनों के साथ 11 फरवरी 2016 को घर पर थी। माता-पिता किसी कार्य से बैंक गए थे। तभी जनपद बांदा के चांदथोक मटौंध निवासी विजय अपने दो साथियों के साथ घर पहुंच गया। उसने चार छोटे बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और किशोरी को डरा-धमकाकर बक्सा में रखे 42 हजार रुपये व सोने-चांदी के आभूषण निकाल लिए।
इसके बाद आरोपी किशोरी को भी साथ ले गए। शाम को घर लौटे माता-पिता ने बच्चों को कमरे से बाहर निकाला। बच्चों ने पूरी घटना बताई। पिता की ओर से थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर 25 जून 2016 को थाना खन्ना में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी विजय को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने अभियुक्त विजय के खिलाफ 25 अगस्त 2018 को अगवाकर दुष्कर्म, पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किए। विशेष लोक अभियोजन पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।