ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी बिजली विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। शहर के गुरुद्वारा के सामने, भारतीय स्टेट बैंक के बाहर, एक्सिस बैंक के बाहर, परमानंद चौराहा पर श्रीराम लॉज के सामने, प्राइवेट बस स्टैंड, जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट, आल्हा चौक, पीडब्ल्यूडी चौराहा, पोस्ट ऑफिस के सामने, ऊदल चौक, सुभाष चौकी, हवेली दरवाजा, मदीना मस्जिद चौराहा, खोया मंडी सहित कई स्थानाें पर खुले में ट्रांसफार्मर स्थापित हैं।
सीन-1
भारतीय स्टेट बैंक के बाहर खुले में रखे ट्रांसफार्मर से किसी भी वक्त अनहोनी हो सकती है। यहां सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लोगाें का आना जाना लगा रहता है। ट्रांसफार्मर के पास ही लोग अपने वाहन खड़े करते हैं। वहीं बगल में अंबे पैलेस का मुख्य द्वार भी है। जहां शादी विवाह के कार्यक्रम होने पर सजावट की जाती है। लेकिन खुले में रखे ट्रांसफार्मर के आसपास जाली न लगवाए जाने से यहां हर पल मौत का साया मंडराता रहता है।
सीन-2
जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के गेट के पास बिना जाली का ट्रांसफार्मर स्थापित है। इमरजेंसी गेट के लिए अलग से दीवार बनाए जाने के दौरान इसे स्थानांतरित किया गया था। लेकिन ट्रांसफार्मर रखवाने के बाद महकमा जाली लगवाना भूल गया। जिससे आज भी यह ट्रांसफार्मर खुले में रखा हुआ है। जिससे यहां आने वाले मरीजों और तीमारदारों को हर पल करंट लगने का खतरा बना रहता है।
सीन-3
आल्हा चौक से रोडवेज बस स्टैंड रोड पर गुरुद्वारा के सामने स्थापित ट्रांसफार्मर के आसपास आज तक बिजली विभाग द्वारा सुरक्षा जाली नहीं लगवाई गई। ट्रांसफार्मर से निकले नंगे तार हर पल सड़क पर झूलते रहते हैं। जिससे यहां हर समय गुजरने वाले राहगीरों को करंट लगने का खतरा बन रहता है। वहीं सारा दिन इस सड़क से प्रशासनिक अधिकारियाें और नागरिकाें की आवाजाही होती है। यही नहीं गुरुद्वारा और हनुमान मंदिर आने जाने वाले श्रद्धालु भी इसी रोड से गुजरते हैं। लेकिन बिजली विभाग की उदासीनता के चलते इन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।
कोट
लोगों को सुरक्षित रखने के लिए शहर में सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मराें के चारों ओर सुरक्षा जाली लगवाई जाएगी। जिससे कोई भी व्यक्ति करंट की चपेट में न आ सके। अवर अभियंता से बिना जाली के ट्रांसफार्मराें को चिह्नित कराया जा रहा है।
नेकीराम, एक्सईएन, बिजली विभाग।