महोबा। कोरोना काल के दौरान पैरोल पर छोड़े गए तीन बंदी दो महीने बाद भी जेल नहीं लौटे हैं। जेल प्रशासन ने ऐसे बंदियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी को पत्र लिखा है। एसपी ने इन बंदियों को गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। कोरोना संक्रमण और जेल में क्षमता से अधिक बंदी होने की वजह से शासन के निर्देश पर जिला उप कारागार से 22 बंदियों को आठ महीने की पैरोल पर छोड़ा गया था। बाद में पैरोल की अवधि 15 2020 नवंबर तक बढ़ा दी गई थी।
इन सभी बंदियों को 16 नवंबर को वापस उप कारागार लौटना था। शासन का आदेश मिलने के बाद थानों के माध्यम से सभी बंदियों को उप कारागार लौटने के बाबत जानकारी दी गई थी। अब तक 19 बंदियों में कई स्थायी जमानत पर रिहा हो चुके हैं और कई वापस जेल आ चुके हैं, लेकिन तीन बंदी अभी तक उप कारागार वापस नहीं लौटे हैं। जेलर भोलानाथ मिश्रा ने बताया कि की अवधि पैरोल समाप्त होने के बाद दो महीने से अधिक का समय बीत गया है। बावजूद इसके बंदी खरेला निवासी लक्ष्मी विश्वकर्मा और संदीप के अलावा अजनर क्षेत्र में रहने वाला एक बंदी वापस उप कारागार नहीं लौटे हैं। तीनों बंदी हत्या समेत अन्य संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं, जिसमें सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान है।