महोबा। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉस्को अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने मंगलवार को किशोरी से दुष्कर्म के चार वर्ष पुराने मामले में दोषी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। वहीं, दुष्कर्म की घटना में षड्यंत्र रचने में दोषी की भाभी को सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 19 हजार रुपये जुर्माना भी किया।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 22 जनवरी 2017 की रात सूपा गांव से बरात आई थी। पड़ोस में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी घर के बाहर खड़ी होकर बरात देख रही थी। तभी पड़ोस की महिला ज्योति वहां पहुंची और किशोरी को अपने घर ले गई। बाद में किशोरी ने बताया कि घर ले जाकर महिला ने अपने देवर कल्लू के साथ उसे कमरे में बंद कर दिया। वहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। दो दिन तक घर में बंद रखने के दौरान उसे खाना भी नहीं दिया गया। 24 जनवरी को दो लोग किशोरी को उसके घर छोड़ गए। इस दौरान परिजन किशोरी की खोजबीन करते रहे, लेकिन महिला ने किशोरी के उसके घर में न होने की बात कही। 26 जनवरी को किशोरी के पिता ने कोतवाली में आरोपी व उसकी भाभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दुुष्कर्म के मामले में दोषी कल्लू को दस साल का कारावास व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर दो माह अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा। वहीं, उसकी भाभी ज्योति को षड्यंत्र रचने में सात वर्ष के कारावास व आठ हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।