किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने सुनवाई के नौ दिन सहित कुल 17वें दिन में फैसला सुनाकर इतिहास रच दिया। अभियुक्त को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई, साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका।
कबरई के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी 05 अक्तूबर 2019 को बाजार गई थी, जहां से कस्बे के मोहल्ला किदवई नगर निवासी करन अहिरवार ने नशीला पदार्थ सुंघाकर किशोरी को अगवा कर लिया। पीड़िता के भाई ने घटना की रिपोर्ट 06 अक्तूबर को थाना कबरई में करन अहिरवार के खिलाफ दुष्कर्म, पॉस्को एक्ट और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियुक्त किशोरी को 20 दिन तक चित्रकूट और दिल्ली में किराए के कमरे में बंधक बनाकर रखे रहा। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध पर मारपीट भी करता रहा।
25 अक्तूबर को कबरई पुलिस ने रेलवे स्टेशन कबरई के पास दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने 06 नवंबर 2019 को न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी। न्यायालय ने 13 नवंबर को अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र बनाया। आरोप पत्र सृजित होते ही न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई।
शुक्रवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ला ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनी। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए, जबकि बचाव में एक गवाह पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने करन अहिरवार को पॉस्को एक्ट और दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए बीस साल की सजा सुनाई। इस मुकदमे की सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जिले में पहली दफा इतनी जल्दी फैसला सुनाया गया है।
कब क्या हुआ
- 05 अक्तूबर 2019 को किशोरी को मुख्य बाजार से अभियुक्त बाइक से अगवाकर चित्रकूट ले गया।
- 06 अक्तूबर 2019 को मृतका के भाई ने थाना कबरई में करन अहिरवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
- 25 अक्तूबर 2019 को पुलिस ने रेलवे स्टेशन कबरई के पास दोनों को गिरफ्तार किया।
- 06 नवंबर 2019 को कबरई पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
- 13 नवंबर 2019 को न्यायालय ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र सृजित किया और सुनवाई शुरू हुई।
- 22 नवंबर 2019 को अदालत ने अभियुक्त को 20 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना ठोंका।