फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahoba News: हत्या में दोषी दंपती को सुनाई उम्रकैद की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। पड़ोसी युवक की हत्या के करीब सात वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने मंगलवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगी।
विज्ञापन

कुलपहाड़ के मोहल्ला सेनापति वार्ड निवासी धर्मेंद्र कुमार अनुरागी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि एक नवंबर 2019 को उसका भाई रविंद्र भोजन करके कमरे में लेट गया था। थोड़ी देर बाद जब वह पहुंचा तो रविंद्र कमरे में नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि रात करीब 12 बजे रविंद्र को पड़ोसी काशीराम अपने घर ले जा रहा था। जब वह काशीराम के घर गया तो ताला बंद मिला। उसने पड़ोसी देवीचरण के घर से सीढ़ी मंगाई और अंदर देखा तो रविंद्र मृत पड़ा था। उसके दोनों हाथ बांध बेल्ट से गला दबाकर व सिर पर डंडे से हमला कर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र ने काशीराम, उसकी पत्नी विमला रानी और नाबालिग बेटे पर हत्या का आरोप लगाया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ताला बंद कर भाग गए थे।
धर्मेंद्र ने बताया कि घटना से तीन चार माह पहले रविंद्र काशीराम की बेटी से मोबाइल पर बातचीत करता था और इसी को लेकर वह रंजिश मानता था। इसी के चलते उसने अपने घर ले जाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए काशीराम व उसकी पत्नी विमला रानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दंपती का बेटा नाबालिग होने के चलते उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें