फोटो 29 एमएएचपी 32 परिचय-रोडवेज परिसर में खड़ी बसों पर सवार होने को लेकर जद्दोजहद करतीं महिलाएं
-भीड़ अधिक होने से बस में सवार होने के लिए होती रही धक्का-मुक्की
फोटो 29 एमएएचपी 32 परिचय-रोडवेज परिसर में खड़ी बसों पर सवार होने को लेकर जद्दोजहद करतीं महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर लौट रहीं बहनों की भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था शनिवार को बेपटरी हो गई। सुबह से ही बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। नौ बजे तक अधिकांश बसें यात्रियों से भरकर रवाना हो गईं। इसके बाद स्टैंड पर बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
घंटों बाद कोई बस पहुंचती तो उसमें सवार होने के लिए धक्का-मुक्की होने लगती। महिलाओं और बच्चों को भीड़ के बीच बस में जगह बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी जनपद कानपुर व बांदा की ओर वाले यात्रियों के उठानी पड़ी। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर इस बार यात्रियों की संख्या बढ़ने का अनुमान पहले से था। बावजूद इसके सुबह के बाद बसों की उपलब्धता मांग के अनुरूप नहीं रही। जिन यात्रियों को आसपास के कस्बों और गांवों तक जाना था, उन्हें भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड पर जैसे ही कोई बस पहुंचती, यात्रियों की भीड़ उसके दरवाजे की ओर दौड़ती नजर आती। सीट पाने के लिए लोग खिड़कियों व दरवाजों से बस में सवार होने की कोशिश करते दिखे। महिलाओं के लिए अलग से कोई सुविधा न होने के कारण उन्हें भी पुरुष यात्रियों की भीड़ के बीच बस में चढ़ना पड़ा। महिला यात्री रीना, देवकी, विमला ने बताया कि निशुल्क यात्रा तो मिली लेकिन सीट पाने और बस मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। उधर, एआरएम देशराज का कहना है कि पर्याप्त संख्या में बसें लगाई गईं थी। भीड़ को देखते हुए बसों के फेरे भी बढ़ाए गए।