महोबा। जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय कक्ष में न्यायाधीश सूबेदार यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के मौके पर उपभोक्ताओं के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यायाधीश ने कहा कि भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रत्येक राज्य का यह दायित्व है कि वह उपभोक्ता हितों की सुरक्षा करे और वस्तुओं व सेवाओं की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में फोरम के न्यायाधीश ने बताया कि उपभोक्ताओं के शोषण को देखते हुए वस्तुओं व सेवाओं की गुणवत्ता, कीमतों और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए 24 दिसंबर 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 पारित किया गया। जिसका सूत्र वाक्य है जागो ग्राहक जागो। वर्ष 1993, 2002 व 2019 में संसोधन करते हुए इसे और प्रभावी बनाया गया। इसके अंतर्गत जिला स्तर पर जिला पीठ, राज्य स्तर पर राज्य आयोग व केंद्र स्तर पर राष्ट्रीय आयोग उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने में कामयाब हो रहे हैं।
उन्होंने उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि उन्हें कानून द्वारा क्षतिपूर्ति पाने, उपभोक्ता शिक्षा, अनुचित व्यापार प्रथा से शोषण के विरूद्ध व सेवा में कमी के कारण हुई क्षति के लिए क्षतिपूर्ति पाने आदि का अधिकार दिया गया है। उपभोक्ता अपने अधिकारों को जाने क्योंकि हर व्यक्ति किसी न किसी रूप से उपभोक्ता है। इस दौरान सूचनाधिकारी सतीश कुमार यादव, वरिष्ठ सहायक हरीशंकर प्रजापति, फूल मोहम्मद, विधानचंद्र, मुकेश कुमार समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।