महोबा। वर्ष 2019 बुंदेले किसानों के लिए सबसे खास रहा। अति महत्वाकांक्षी अर्जुन सहायक परियोजना के शुरू होने से दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिला। इससे किसानों को संजीवनी मिली है। शहर को 14 सड़कों की सौगात मिली और जिले में इलेक्ट्रिक लाइन बिछने से इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ रहे हैं, जिससे यात्री कम समय में अधिक दूरी तय कर रहे हैं। आने वाले 2020 से बुंदेलों को कई उम्मीदें हैं। जिले के आठ गांवों से गुजर रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बनने से यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, जिले के लोग सीधे आगरा और धर्मनगरी चित्रकूट से जुड़ सकेंगे। साथ ही, झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम शुरू हो गया है, जो आगामी वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
उपलब्धि 2019
1- 850 करोड़ की लागत से जिले में अर्जुन सहायक परियोजना के प्रथम चरण का काम इस वर्ष पूरा हो गया। परियोजना के तहत नहरों में पानी छोड़ा गया, जिससे पनवाड़ी व चरखारी क्षेत्र के दर्जनों गांवों की हजारों बीघा भूमि की सिंचाई हो रही है। परियोजना के शुरू हो जाने से अब बुंदेले किसानों को खेती में बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है।
2- शहर में 22 करोड़ की लागत से 14 सड़कों का निर्माण कराया गया। पूरे शहर में एक फीट ऊंची सीसी सड़कों का जाल बिछाए जाने से नागरिकों को कीचड़ व गड्ढ़ायुक्त सड़कों से निजात मिली। मुख्य बाजार समेत सभी प्रमुख रास्तों में सीसी सड़क बन जाने से अब शहर में प्रवेश करने पर साफ-सुथरा नजारा दिख रहा है।
3- रेलवे विभाग द्वारा झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रेक में इलेक्ट्रिक लाइन बिछाई गई है। दो वर्ष से चल रहा इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम इस वर्ष पूरा हो गया और ट्रेक में इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ने लगे। जिससे झांसी जाने वाले यात्रियों की दूरी 4 घंटे की बजाय तीन घंटे में पूरी हो रही है। वहीं चित्रकूट व मानिकपुर जाने में भी समय की बचत हो रही है।
4- गांवों के विकास में प्रधानमंत्री आवास सबसे बड़ी योजना बनकर उभरी। दशकों से कच्चे मकान में टीन टप्पर छाकर रह रहे गरीबों को योजना के तहत पक्की छत मिली। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में लाभार्थियों के आवास तैयार कराए गए। जिससे अब गांवों में भी हर घर में शौचालय व पक्के आवास नजर आ रहे हैं।
5- 26 करोड़ की लागत से कबरई पेयजल योजना को स्वीकृति मिली। जिसके तहत पाइप लाइन बिछाई गई। तीन दशक से चली आ रही पेयजल योजना की मांग पूरी होना बड़ी उपलब्धि है। अब कस्बावासियों को पेजयल के लिए कोसों दूर नहीं भटकना पड़ रहा है। कस्बे के सभी 15 वार्डों में पाइप लाइनों का जाल बिछाया गया है।
उम्मीदें 2020
1- बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जिले के आठ गांवों से होकर गुजर रहा है। कबरई विकासखंड के खन्ना, कोहारी, बन्नी, पुरा व ग्योड़ी और चरखारी ब्लाक के खरेला, बराय, पुन्नियां के किसानों की भूमि अधिग्रहीत कर काम शुरू हो गया है। एक्सप्रेस वे के निर्माण से लोगों को रोजगार के साधन बढ़ेगे और यहां के व्यापारी सीधे आगरा से जुड़ सकेंगे।
2- झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम शुरू हो गया है। वर्ष 2020 में काम पूरा होने की उम्मीद है। रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण हो जाने से क्रासिंग की दिक्कत दूर होगी। क्रासिंग के समय घंटों ट्रेनें लेटतलीफी का शिकार हो रही हैं। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और बिना क्रासिंग ट्रेनें रूट पर दौड़ सकेंगी।
3- आगामी वर्ष में कुलपहाड़ नगर पंचायत को नई सौगात मिलेगी। इसके तहत नगर का न केवल सीमा विस्तार होने जा रहा है बल्कि अब नगर विकास के लिए ज्यादा बजट भी मिल सकेगा। इसको लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। लोगों से आपत्ति व प्रस्ताव भी मांगे गए है। सीमा विस्तार के बाद नगर का विकास दोगुनी गति से होने की उम्मीद जगी है।
4- 125 करोड़ की लागत से अर्जुन बांध उच्चीकरण का काम कराया जा रहा है। आगामी वर्ष में बांध निर्माण का काम पूरा होने की उम्मीद है। जिससे किसानों को न सिर्फ सिंचाई सुविधा मिल सकेगी बल्कि भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे कस्बा कबरई के वाशिंदों को गर्मी के मौसम में भी भरपूर पानी मिल सकेगा।
5- झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। कुलपहाड़, सुगिरा व भरवारा में चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। जिसके तहत पुल व पुलियो का निर्माण कराया जा रहा है। हाइवे का चौड़ीकरण होने से न सिर्फ वाहन चालकों को सिकुड़ी सड़कों से निजात मिलेगी बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।