महोबा। संचारी रोगों व दिमागी बुखार पर नियंत्रण पाने के लिए जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण दस्तक अभियान चलाया जाएगा। दिमागी बुखार जैसी घातक बीमारी से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए इस अभियान की शुरुआत की जा रही है।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित अंतर्विभागीय समंवय समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी आरएस वर्मा ने कहा कि यदि रोगी इलाज के बाद ठीक भी हो जाए तो अधिकांश रोगियों में दिमागी व शारीरिक दिव्यांगता आ जाती है। बैठक में एडीएम ने निर्देश दिए कि एक मार्च से शुरु होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान को लेकर सभी विभाग माइक्रोप्लान तैयार कर लें। इस बार आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच करेंगी कि किसी के घर में गंदा पानी ठहरने के कारण मच्छर तो नहीं पैदा हो रहे। यदि ऐसा है तो उन्हें इसके प्रति जागरूक करें। बच्चों को प्रश्नोत्तरी के माध्यम से ज्ञानवर्धन बातें बताई जाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने कहा कि प्रमुख स्थानों पर प्रचार प्रसार के लिए होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि लगाए जाएंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी आरपी निरंजन ने कहा कि 16 मार्च से दस्तक अभियान के तहत गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता को कोई प्रभावित व्यक्ति मिलता है तो उसकी किट से जांच करेंगी। शून्य से 15 साल तक के बच्चों के घरों पर स्टीकर लगाए जाएगे, जिससे बच्चों वाले घरों की पहचान हो सके। बैठक में एसीएमओ डॉ. सज्जन कुमार, डॉ. सुशील खरे, मलेरिया निरीक्षक रामज्ञान, वली मोहम्मद, डब्ल्यूएचओ एसएमओ प्रशांत कुमार आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
इन विभागों का रहेगा सहयोग
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर पालिका व नगर पंचायत, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, द्विव्यांगजन सशक्तिकरण, समाज कल्याण, कृषि एवं सिंचाई विभाग इत्यादि शामिल हैं।