अन्ना जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए दो माह पहले तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा गांवों में प्रधानों के सहयोग से एक स्थान पर दर्जनों की संख्या में तारबाड़ी लगाकर एकत्र किया गया था। साथ ही उनके खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया। शुक्रवार को अचानक पहुंचे अफसरों ने तारबाड़ी में बंद अन्ना जानवरों को छुट्टा करा दिया।
किसान मिन्नतें करते रहे, लेकिन अफसरों का दिल नहीं पसीजा। किसानों को खेतों में पकी खड़ी फसल चट करने की चिंता सता रही है। खेतों में लहलहा रही फसल को अन्ना जानवरों द्वारा चट कर दिए जाने से किसान परेशान थे।
तमाम शिकायतों के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने दो माह पहले किसानों और ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर अन्ना जानवरों की समस्या का निदान निकाला। कहा गया कि प्रधान और ग्रामीण एक स्थान पर तारबाड़ी की व्यवस्था कर अन्ना जानवरों को एकत्र करेंगे और उनके भोजन और पानी का इंतजाम किया जाएगा। डीएम के निर्देश पर विकासखंड कबरई के गांच खन्ना व चिचारा के ग्रामीणों ने तारबाड़ी की व्यवस्था कर अन्ना जानवरों के खाने पीने का इंतजाम किया।
शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, सीओ जितेंद्र दुबे, थानाध्यक्ष खन्ना सतीशचंद्र शुक्ला ग्राम खन्ना और चिचारा पहुंचे। जहां से उन्होंने तारबाड़ी के अंदर बंद किए गए दर्जनों की संख्या में अन्ना जानवरों को छुट्टा कराया। इससे पूरे गांव में अन्ना पशु नजर आए। इस दौरान किसानों ने अफसरों से एक पखवारे का समय मांगा, लेकिन अफसर नहीं माने।
ग्राम प्रधान शिवशंकर सिंह, लालाराम, रामफल प्रजापति, रामआसरे यादव, देवसिंह, चांद मोहम्मद आदि का कहना है कि इस समय खेतों में फसल पकने को तैयार है। कुछ खेतों में कटाई चल रही है। ऐसे समय में प्रशासन ने अन्ना जानवरों को छुट्टा करा दिया है। इससे उनकी फसल बचना मुश्किल है। उधर प्रशासन उच्चाधिकारियों के आदेश पर अन्ना जानवरों को छुट्टा कराने की बात कह रहा है।
बेलाताल । कस्बा बेलाताल में भूख से आधा दर्जन गायों की मौत हो गई। विकासखंड जैतपुर कार्यालय परिसर के बाहर मृत पड़ी गायों की सूचना पशु विभाग के अधिकारियाें को दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि 10 दिन के अंदर करीब एक दर्जन अन्ना जानवर मौत का शिकार बन चुके है। चारा भूसा की व्यवस्था न होने से अन्ना जानवर सड़क किनारे पड़ी पॉलीथीन खा लेते है। जिससे उनकी मौत हो जाती है।
लोहिया गांव रहे बसौठ में दर्जन भर पशुओं के मरने की अफवाह ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन को जमकर छकाया। मवेशियों की मौत की सूचना मिलने से जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी एसपी सिंह, तहसीलदार चरखारी सौरभ पांडेय, कानूनगो और ब्लाक के सहायक पंचायत अधिकारी रामप्रकाश दीक्षित, थानाध्यक्ष खरेला रमेशचंद्र बसौठ पहुंचे। ग्राम प्रधान कपिल तिवारी और ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र प्रताप के साथ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र ने गांव में मवेशियों के मरने की सूचना पर गांव में घंटों जगह जगह तलाश की।
मुख्य सड़क किनारे तीन दर्जन मवेशी विचरण करते मिले। ग्रामीणों और कोटेदार बृजनंद तिवारी ने बताया कि मवेशियों के लिए भूसा का प्रबंध ग्राम स्तर से और समाजसेवी कर रहे है। सड़क दुर्घटना में मवेशी जरूर घायल हो गए थे, लेकिन भूख से मवेशियों की मौत की जानकारी अफवाह है।