पंपिंग मशीन चलाकर इंटेकवेल में भरा जा रहा पानी।
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। शहरवासियों को पेयजल मुहैया कराने वाला उर्मिल बांध न्यूनतम स्तर (डेड लेवल) पर पहुंच गया है। पानी की आपूर्ति लगातार बनाए रखने के लिए निजी कंपनी ने बांध की गहराई वाले क्षेत्र से पंपिंग मशीनों के जरिये पानी खींचकर इंटेकवेल में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से महोबा शहर व कस्बा श्रीनगर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। पांच साल से मध्यप्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश कम होने से बांध अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप नहीं भर सका। इससे बांध में पानी की कमी होती चली गई। भीषण गर्मी में प्रतिदिन तीन सेंटीमीटर पानी पेयजल के लिए लिया जा रहा है। यही वजह है कि इंटेकवेल से पानी 20 मीटर दूर पहुंच गया है। बांध के गहराई वाले क्षेत्र में पानी शेष बचने पर निजी कंपनी ने तीन पंपिंग मशीन स्थापित किए हैं। पाइपलाइन के जरिए पानी खींचकर इंटेकवेल में पहुंचाया जा रहा है। वहां से पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट श्रीनगर में भेजा जा रहा है। निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश कुमार का कहना है कि उर्मिल बांध में पानी की कमी हो गई है। गहराई से पानी लानेे के लिए पंपिंग मशीनें लगाई गईं हैं। ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।