कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते जिलाधिकारी।
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महोबा। ग्राम सचिवालय, सड़क, पार्क, स्कूल का नामकरण शहीदों के नाम पर किया जाएगा। विलुप्त होने की कगार पर पहुंची नदियों और तालाबों का अस्तित्व वापसी का प्रयास होगा। अमृत महोत्सव की स्मारिका का विमोचन होगा।
आजादी का अमृृत महोत्सव को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों, इतिहासकारों, साहित्यकारों, समाजसेवियों के साथ डीएम मनोज कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक में अमृत महोत्सव की स्मारिका के प्रकाशन को लेकर सुझाव मांगे गए। डीएम ने कहा कि स्मारिका प्रकाशित करने का उद्देश्य नई पीढ़ी तक शहीदों की जानकारी पहुंचाना है। डीएम ने कहा कि अपने इतिहास को अपनी नई पीढ़ी तक पहुंचाना अपनी स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने संगीताचार्य जगप्रसाद तिवारी से कहा कि संगीत के क्षेत्र में इस तरह से कार्य किया जाए ताकि नये कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका मिले। अपनी लोक विधाओं को संरक्षित किया जाए। अपनी संस्कृृति को बचाया जाए। रिश्तों को जिंदा रखने का प्रयास किया जाए। विद्यालयों में बच्चों को बुड्ढा-बुढ़िया, डोकरा-डोकरी जैसे शब्द न बोलने की शपथ दिलाई जाए, जो वरिष्ठ नागरिकों को अपमानजनक लगे। बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएं। स्कूल ही संस्कारों को विकसित करने का सबसे अच्छा माध्यम है।
बैठक में एडीएम आर एस वर्मा, पीडी चित्रसेन सिंह, एसडीएम पीयूष जायसवाल, स्मारिका के नोडल अधिकारी सीएल साहू, सूचनाधिकारी सतीश कुमार यादव, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष जगप्रसाद तिवारी, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, लोक कलाकार लखनलाल यादव, गीतकार जगभान सिंह सेंगर, इतिहासकार डॉ. नितिन द्विवेदी, डॉ. विकास मिश्रा, साहित्यकार हरिश्चंद्र वर्मा, लखनलाल चौरसिया, साहित्यकार संतोष कुमार पटैरिया व विदेश कुमार विद्यासन मौजूद रहे।