महोबा। जिले के 75 परिषदीय स्कूलों में झांसी की एक फर्म ने दो साल से फर्नीचर की आपूर्ति नहीं की है। इस मामले को डीएम सत्येंद्र कुमार ने गंभीरता से लिया है। उनके आदेश पर बीएसए ने फर्म को काली सूची में डाल दिया है। अब फर्म के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उसकी जमानत राशि जब्त करने की तैयारी चल रही है।
जिले के 80 परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर की खरीद के लिए वर्ष 2017-2018 में जेम पोर्टल (गवर्नमेंट ई-मार्केट) से टेंडर मांगे गए थे। वर्ष 2018 में जिले की प्रशासनिक कमेटी ने टेंडर फाइनल करके झांसी की श्याम फर्नीचर फर्म को एक करोड़ 28 लाख 88 हजार रुपये में फर्नीचर आपूर्ति का ठेका दिया था। बीएसए सूर्यभान ने बताया कि टेंडर को दो साल बीत गए, लेकिन अभी तक श्याम फर्नीचर ने मात्र पांच स्कूलों में फर्नीचर भेजा है। फर्नीचर न होने से स्कूलों में बच्चों को बैठने में दिक्कत हो रही है, जिससे उनकी पढाई भी प्रभावित हो रही है।
इस मामले में श्याम फर्नीचर के प्रोपराइटर से बात की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। 25 अक्तूबर को डीएम के संज्ञान में मामला लाया गया। इस पर फर्म के प्रोपराइटर को डीएम कार्यालय में बुलाया गया। वहां पर प्रोपराइटर ने पिता के कोरोना संक्रमित होने व अन्य परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह दो नवंबर तक स्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति करा देगा। इस पर डीएम ने 10 नवंबर तक उसे पूरा भुगतान किए जाने का भरोसा दिया था।
बीएसए ने बताया कि आश्वासन के बाद भी फर्म के प्रोपराइटर ने फर्नीचर की आपूर्ति स्कूलों में नहीं की। इस मामले में डीएम ने बताया कि फर्नीचर आपूर्ति करने वाली फर्म को काली सूची में डाल दिया गया है। बीएसए को टेंडर की जमानत राशि जब्त करने और फर्म के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।