महोबा। विकासखंड जैतपुर के ग्राम पचारा में चार माह से सरकारी ट्यूबवेल खराब पड़ा है। इससे पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले पूरे गांव की पेयजल आपूर्ति ठप है। कई बार शिकायत के बाद भी ट्यूबवेल दुरुस्त न कराए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है। ग्राम पचारा में ट्यूबवेल के माध्यम से तीन टंकियों में पानी भरा जाता है। स्वजल योजना के तहत गांव में स्थापित टंकियां अब सूखी पड़ी हैं।
इससे ही पूरे गांव को पानी की सप्लाई की जाती है ट्यूबवेल खराब होने से पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। लोग गांव के बाहर स्थित कुओं व हैंडपंप से पानी लाकर किसी तरह जुगाड़ कर रहे हैं। ग्रामीण मौजीलाल, हरेंद्र, नीरज, हेमचंद्र, मनीष, केशकांत आदि ने बताया कि ट्यूबवेल खराब होने की शिकायत बीडीओ समेत विभाग के उच्च अधिकारियों से की गई लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हो सका।
तीन किलोमीटर दूर स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है। गांव के अधिकतर हैंडपंपों खराब हैं या खारा पानी आ रहा है। ऐसे में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। उधर, खंड विकास अधिकारी जैतपुर प्रशांत कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही व्यवस्था कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
ग्राम बसौंठ में 15 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप खरेला (महोबा)। विकासखंड चरखारी के ग्राम बसौंठ में लाखों रुपये की लागत से बनी सामूहिक पेयजल योजना के पंप फुंकने से पेयजल आपूर्ति 15 दिन से ठप है। सात हजार की आबादी वाले गांव में ग्रामीणों को नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
पूर्व प्रधान स्कंध तिवारी, भैयालाल, बबलू यादव, अरविंद गुप्ता आदि ने बताया कि एक पखवारा पहले दोनों पंप जल गए थे। चार दिन पहले एक पंप ठीक हुआ था लेकिन गांव में आपूर्ति नही हो पा रही है। आंधी आबादी को पानी नहीं मिल पा रहा। ग्रामीण परेशान है। उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से करते हुए समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है।
कोसों दूर से सिर में बर्तन रखकर पानी लातीं महिलाएं- फोटो : MAHOBA