ताजिए निकालते सिया समुदाय के लोग
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चहल्लुम पर्व पर फातिहा पढ़ा कर ताजिया निकाला गया और शाम को उन्हें नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शहर में मकनियापुरा से रविवार की रात को ताजिया जुलूस निकाला गया जो परंपरागत मार्गों से होता हुआ पठानपुरा पहुंचा। उधर मिल्कीपुरा और चौसियापुरा से भी ताजिए निकाले गए। जो
पठानपुरा पहुंचे। इसी तरह सोमवार को दिन में ताजिए निकाले गए। जो काजीपुरा पहुंचे जहां पर सभी ताजियाें का एक दूसरे से मिलाप होने के बाद ताजिए कर्बला में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग हसन हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए कर्बला पहुंचे।चरखारी
प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को सुबह 10 बजे सिया समुदाय का ताजिए अशगर अब्बास के आवास परिसर से निकाला गया। जो गोलाघाट होता हुआ कर्बला में सुपुर्दे ए खाक किया गया। उधर, सुन्नी सुमदाय के लोगों ने भी ताजिए निकाले जो ड्योड़ी दरवाजा, गोलाघाट, पचराहा होते हुए कर्बला पहुंचे। जहां पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।