महोबा। ग्राहकों को दोगुनी रकम का लालच देकर रुपये जमा कराने और बाद में कंपनी के भाग जाने के मामले में चिटफंड कंपनी के सीएमडी समेत दो पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हुई है।
कस्बा श्रीनगर के मोहल्ला भैरवगंज निवासी लालचंद्र कुशवाहा, सुनील, ललित विश्वकर्मा आदि ने बताया कि वह शिक्षित बेरोजगार हैं। वर्ष 2016 में उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से कंपनी के बारे के जानकारी हुई। उनके साथ अन्य लोग कंपनी के सेमिनार में गए। बताया गया कि उनकी कंपनी मासिक आय योजना, ऋण सुविधा आदि का संचालन करती है। जिसमें वह एजेंट व कर्मियों के रूप में नियुक्त हो गए। उन्होंने श्रीनगर और महोबा क्षेत्र में कई लोगों से लाखों रुपये कंपनी में जमा कराया। कुछ समय बाद कंपनी ने जनसेवा केंद्र और अपने साॅफ्टेवयर बंद कर दिए। आशंका होने पर जब कंपनी से धनराशि वापस मांगी गई तो धमकी दी गई। धोखाधड़ी कर लाखों रुपये हड़पे जाने से वह मानसिक रूप से परेशान है। थाना श्रीनगर और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब पीड़ितों ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर कंपनी ने सीएमडी समीर अग्रवाल निवासी घनसोली, नवी मुंबई व संजय मुदगल निवासी हिमांचल प्रदेश के खिलाफ थाना श्रीनगर में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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ग्राहक ने एजेंट और उसके भाई पर दर्ज कराई रिपोर्ट
महोबा। कस्बा श्रीनगर निवासी मकबूल चांद ने बताया कि उसके गांव का ललित विश्वकर्मा एक कंपनी में काम करता था। 27 अगस्त 2019 को उसने साढ़े पांच लाख रुपये और उसके बाद एक लाख रुपये जमा किए गए। एजेंट ने बताया कि वह रकम एलआईसी की शेयर पॉलिसी में जमा करेगा। छह वर्ष में यह रकम दोगुनी होगी। छह वर्ष बाद जब उसने ललित से एलआईसी बांड मांगा तो 15 जनवरी 2025 को फर्जी कंपनी की रसीद थमा दी गई और धोखाड़ी करके 6.50 लाख रुपये की रकम हड़प ली गई। पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर ललित व उसके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।