महोबा। जैतपुर ब्लॉक के लमौरा गांव के एक ग्रामीण के डेढ़ वर्षीय इकलौते बेटे के दिल में छेद पाया। आरबीएसके टीम के सहयोग से पलवल (हरियाणा) के अस्पताल में उसका निशुल्क सफल ऑपरेशन हो गया और मासूम को नई जिंदगी मिल गई। अब बच्चा स्वस्थ है।
आरबीएसके टीम के डॉ. आशुतोष सोनी, डॉ. अभिलाषा चौरसिया व महेंद्र कुमार ने जांच के बाद नीतीश को लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी (केजीएमयू) में भेजा। यहां दिल में छेद होने की पुष्टि हुई। टीम ने इसका फॉलोअप किया। इसी साल सितंबर माह में नीतीश का श्री सत्य साईं संजीविनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर एंड रिसर्च (पलवल, हरियाणा) में दिल का सफल ऑपरेशन हुआ। अब वह स्वस्थ होकर सपनों की दौड़ लगा पाएगा। पिता आदित्य नारायण बेटे नीतीश को दिल में छेद होने की बात सुनकर स्तब्ध दिखे थे। वह अपनी फोटोकॉपी की दुकान से घर का खर्च चलाते हैं, जबकि प्राइवेट अस्पताल में इस ऑपरेशन पर तीन लाख से ऊपर का खर्चा आ रहा था, लेकिन केंद्र सरकार की आरबीएसके योजना उसके लिए वरदान साबित हुई। आदित्य ने कहा कि वह अपने बेटे के स्वस्थ होने से खुश है। अब वह अपनी जिंदगी सामान्य तौर पर जी पाएगा।
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कई परिवार हो चुके हैं लाभान्वित
डीईआईसी मैनेजर डॉ. अंबुज गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत जिलेभर में जन्मजात विकृति वाले सैकड़ों बच्चें जिन्हें दिल में छेद, कटे हुए तालु और होंठ, टेढ़े-मेढ़े पैर जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। बताया कि इस तरह की बीमारी वाले बच्चों के अभिभावक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूल व मदरसों से संपर्क कर सकते हैं।