फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahoba News: एनएच-34 के साथ प्रस्तावित ग्रीन फील्ड हाईवे पर नहीं बोले मुख्यमंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
भरुआ सुमेरपुर। जनपद के राठ कस्बे में करोड़ों की सौगात देने वाले मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कानपुर-सागर हाईवे (एनएच-34) का कोई जिक्र नहीं किया। यह हाईवे प्रत्येक वर्ष सैकड़ों जान ले रहा और इसको फोरलेन में तब्दील करने के लिए मई माह से जन आंदोलन हो रहा है। साथ ही प्रस्तावित ग्रीन फील्ड हाईवे के बारे में भी कोई चर्चा नहीं की।
विज्ञापन

नेशनल हाईवे 34 का निर्माण 2014 में हुआ था। तब से अब तक यह रोड जनपद की सरजमी में करीब एक हजार लोगों की जान ले चुका है। मई माह में इस सड़क के चौड़ीकरण एवं डिवाइडर की मांग को लेकर मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन हुआ था। बाद में प्रशासन ने आंदोलनकारियों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। इनमें कई भाजपा नेता भी थे। आंदोलनकारियों के साथ जनपद के लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री राठ की सभा में इस हाईवे के लिए कुछ घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने अपने भाषण में इस हाईवे ही नहीं, प्रस्तावित ग्रीन फील्ड हाईवे के बारे में भी एक शब्द नहीं बोला।
विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर ने जरूर मुख्यमंत्री को एनएच-34 के चौड़ीकरण की मांग का ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री ने कस्बे की उद्योग नगरी में संचालित रिमझिम इस्पात लिमिटेड, बहुराष्ट्रीय कंपनी एचयूएल, एनटीपीसी, गेल इंडिया, जेके सीमेंट आदि का जिक्र किया।
विज्ञापन

कहा कि बुंदेलखंड में बड़ा निवेश करके रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज, ट्रामा सेंटर बनाने की कोई ठोस घोषणा नहीं की है बल्कि यह कहकर बात खत्म कर दी कि इनको बनना चाहिए जिससे लोगों के अंदर निराशा हुई। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन फील्ड हाईवे का निर्माण प्रस्तावित है। इस पर भी मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं बोला है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें