महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले के अंतिम दिन सांस्कृतिक मंच में बॉलीवुड नाइट का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई से आए कलाकारों ने फिल्मी गीतों पर शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति पर अराजकतत्वों ने कुर्सियों पर खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। एक दूसरे पर कुर्सियां फेंके जाने से दर्शकों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर स्थिति को संभाला।
16 अगस्त से शुरू हुए कजली मेले में रोजाना रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं। गुरुवार की रात बॉलीवुड नाइट का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई से आईं ओल्ड इज गोल्ड की मोना भट्ट, निरूपमा डे व आलोक कटडारे ने अपनी सुरीली आवाज व शानदार अंदाज से दर्शकों का मन मोहा। निरूपमा डे ने ‘शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है...’ ‘इश्क वालों से न पूछा...’ व ‘सलामे इश्क मेरी जान...’ जैसे गीतों से सभी का दिल जीत लिया। आलोक कटडारे ने ‘बचना ए हसीनो...’ ‘सब कहते हैं मैने तुमको दिल दे दिया...’ गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी।
मुंबई की मोना भट्ट की प्रस्तुतियां खूब सराही गई। उन्होंने ‘मिले हो तुम हमको बड़े नसीबों से...’ ‘कजरा मोहब्बत वाला...’ ‘दमादम मस्त कलंदर...’ जैसे गीतों से धूम मचाई। ‘मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू...’ देशभक्ति गीत पर कलाकारों सामूहिक प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति पर अराजकतत्वों ने खलल पैदा कर दिया। दो पक्षों में मारपीट होने पर दर्शकों ने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दी। जिससे लोगों में भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद एसडीएम देवेंद्र सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष दिलाशा सौरभ तिवारी ने कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर मेले का समापन किया।