अन्ना मवेशियों की पीठ पर नंबर अंकित करते कर्मचारी।
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विकासखंड चरखारी के ग्राम बसौठ में अन्ना जानवरों से तबाह किसानों की फसलों को बचाने के लिए प्रशासनिक मेहनत रंग लाई। डीएम के निर्देश पर गांव पहुंचे राजस्व महकमे ने पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ बैठक करने के बाद रणनीति बनाई। साथ ही एक एक जानवर प्रत्येक ग्रामीण को गोद देकर समस्या को हल किया।
अन्ना जानवरों की समस्या से परेशान ग्राम बसौठ के किसानों ने डीएम से शिकायत करके समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की थी। किसानों का कहना था कि रात के समय अन्ना जानवरों के झुंड खेतों में घुसने से फसल बर्बाद हो रही है। शिकायत पर डीएम ने राजस्व विभाग को गांव पहुंच समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। कानूनगो नीलमणि, लेखपाल विनय परिहार, खरेला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार और ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह ने खरेला थानाध्यक्ष रमेशचंद्र ग्रामीणों के साथ बैठक की।
बैठक में अन्ना मवेशियों की गिनती कराई गई। पूरे गांव में 400 अन्ना मवेशी मिले। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक ग्रामीण एक एक मवेशी को बांधेगे। ग्राम प्रधान कपिल तिवारी को 25, पूर्व प्रधान रामदास को 11 और पूर्व प्रधान स्कंद तिवारी को 11 पशुओं के रहने और खाने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई।