गरीबों को नि:शुल्क आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा चलाई जा रही आसरा आवास योजना में जमकर धांधली की जा रही है। सात फीट गहरे गड्ढों के सापेक्ष मात्र चार फीट गहरे गड्ढे खोदे जा रहे हैं। मानक के अनुरूप सीमेंट नहीं लगाई जा रही। इसकी शिकायत सभासदों ने मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों से की है।
नगर पंचायत सभासद किरन रैकवार, लक्ष्मी देवी, कैलाशी देवी, भोले सिंह, संतोष कुमार सहित एक दर्जन लोगों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण आसरा आवास योजना के तहत नगर में 532 आवास निर्माण कराए जा रहे हैं।
बताया कि इन आवासों का कार्य परियोजना प्रबंधक सीएनडीएस तथा जिला नगरीय विकास अभिकरण नोडल विभाग द्वारा कराया जाना है, लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा कार्य स्वयं न कराकर पेटी डीलरों के माध्यम से कराया जा रहा है। इन आवासों का निर्माण मानक के अनुरूप न कराकर शासन की योजना में बट्टा लगाया जा रहा है।
शिकायती पत्र में बताया कि एक भवन निर्माण में 4.5 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन भवन निर्माण के लिए खोदे जा रहे पिलर तीन से चार फीट गहरे ही खोदे गए, जबकि इन्हें सात फिट गहरा खोदा जाना चाहिए। इतना ही नहीं 20 एमएम की जगह 12 एमएम का सरिया डाला जा रहा है और तीन नंबर ईंटों का प्रयोग हो रहा है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण के एपीओ इबरार अहमद का कहना है कि कुछ दिन पहले गड्ढों की कम खुदाई की जानकारी मिली थी। मौके पर जाकर मानक के अनुरूप गड्ढे खुदवाकर काम शुरू कराया गया और अब काम मानक के तहत हो रहा है। जेई जगन्नाथ पटेल का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। घटिया निर्माण मिलने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।