महोबा। रोशनी के पर्व दिवाली पर पटाखे जलाएं तो सावधान रहें। लापरवाही से दुर्घटना भी हो सकती है। पटाखों के कण आंख में लगने से नुकसान हो सकता है। पटाखों से ध्वनि प्रदूषण और हवा भी प्रदूषित होती है। साथ ही कानों के लिए भी तेज आवाज नुकसानदायक है। उन्होंने पटाखों का कम प्रयोग करने की सलाह दी है। डॉक्टरों की मानें तो पटाखों से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदेश कुमार सक्सेना ने कहा कि पटाखे चलाने में लापरवाही पर आंखों को नुकसान हो सकता है। इसके कण आंखों में लगने से घाव हो सकता है। प्रदूषण से आंखों में सूखापन आ जाता है। पटाखों को दूर से चलाएं। प्रदूषण में जाने से बचें। ज्यादा आवाज वाले पटाखे न जलाएं।
जिला अस्पताल के नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र राजपूत ने बताया कि तेज पटाखा लोगों को बहरा भी बना सकते हैं। कम सुनने वाले लोग, जिनका उपचार चल रहा है, वह पटाखों से दूरी बनाएं। बच्चों को पटाखे चलने वाली जगह से दूर रखें। अधिक आवाज वाले पटाखे न जलाएं। कान में सुरक्षा के लिए कॉटन या लीड लगाकर रखें।
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बरतें यह सावधानियां
-पटाखों को पास से न जलाएं।
-आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा लगाएं।
-धमाके वाले पटाखों से दूर रहे।
-जलने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।