महोबा। चरखारी-नौसारा मार्ग पर 14 अक्तूबर की रात मोबाइल दुकानदार की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा में बाइक में सवार साथी ने ही दुकानदार की हत्या की थी। एक अज्ञात बदमाश पर गोली मारकर बैग ले जाने की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद करते हुए जेल भेजा है।
कोतवाली चरखारी के नौसारा गांव निवासी राजकुमार की बस स्टैंड चरखारी में मोबाइल रिपेयरिंग और साउंड की दुकान थी। 14 अक्तूबर की रात करीब आठ बजे वह दुकान बंद कर अपने साथी प्रदीप के साथ बाइक से गांव लौट रहा था। तभी नौसारा गांव से एक किमी पहले राजकुमार को गोली लगी थी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल से झांसी रेफर किया गया। जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई थी। बाइक में सवार साथी प्रदीप ने पुलिस को सूचना देकर बताया था कि बाइक सवार एक बदमाश ने राजकुमार को गोली मारी और बैग छीनकर भाग गया। पुलिस की जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। राजकुमार को सटाकर गोली मारी गई थी जबकि प्रदीप के कपड़ों में न तो खून के छींटे थे और न ही कोई खरोंच। ऐसे में पुलिस ने पहले दिन से ही प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रदीप ने हत्या की बात स्वीकारी। बताया कि उसकी दुकान राजकुमार के बगल में है। राजकुमार की दुकान बेहतर चलती थी। गांव के ग्राहक भी उसी की दुकान पर जाते थे जबकि उसके यहां कम ग्राहक आते थे। व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता में उसने राजकुमार को गोली मारी थी और लूटपाट की झूठी कहानी रची थी।
उधर, अपर एसपी वंदना सिंह ने बताया कि मोबाइल दुकानदार को अज्ञात व्यक्ति द्वारा गोली मारकर बैग ले जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें लगाई गई थीं। सर्विलांस व कोतवाली चरखारी की संयुक्त टीम ने घटना का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि राजकुमार का मित्र प्रदीप बाइक में पीछे बैठा था। उसने ही गोली मारी थी। स्वयं को बचाने के लिए झूठी कहानी बताई थी। कोतवाली प्रभारी चरखारी प्रवीण कुमार सिंह व सर्विलांस प्रभारी शिवप्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी प्रदीप राजपूत को रूपनगर मोहल्ले से गिरफ्तार किया। जिसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व मृतक का मोबाइल बरामद किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।