महोबा। विश्व जनसंख्या दिवस पर शनिवार को बुंदेलों ने गोरखगिरि के शिवतांडव पार्क में नीम, पीपल, बरगद, बेल व कनैर के पौधे लगाए। इस दौरान जनसंख्या की जगह वृक्षसंख्या बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि आबादी बढ़ने से ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पेड़ों पर भी दबाव बढ़ा है।
पौधरोपण अभियान की अगुवाई कर रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने कहा कि अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक पाब्लो के अनुसार भारत में शुद्ध ऑक्सीजन के लिए एक वृक्ष पर औसत 16 लोग निर्भर हैं। कोलकाता जैसे बड़े शहरों में तो 15 हजार लोग एक वृक्ष पर निर्भर हैं। एक मध्यम आयु का वृक्ष एक वर्ष में 1.6 टन ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है, जबकि एक मनुष्य को सांस लेने के लिए प्रति वर्ष 1.752 टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। शास्त्रों में शायद इसीलिए एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या वृद्धि दर 17.64 फीसदी थी, लेकिन वनक्षेत्र वृद्धि दर 2 फीसदी भी नहीं थी। हर जिले में वनक्षेत्र कम से कम 33 फीसदी होना चाहिए। लेकिन महोबा में मात्र 5 फीसदी वनक्षेत्र बचा है। जिले को हराभरा बनाने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसे बच्चों की तरह पालने का संकल्प लेना चाहिए। पौधरोपण अभियान में डॉ. अनिल पुरवार, अवधेश गुप्ता, मुन्ना जैन, सिद्धगोपाल सेन, ग्यासी लाल, अशोक, प्रमोद, रामजी, हरिशंकर हरदया आदि लोग मौजूद रहे।