संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के विकास के लिए अलग से बजट का एलान किया है। बजट में बुंदेलखंड विकास निधि के लिए 425 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे बुंदेलखंड का जनपद महोबा भी लाभान्वित होगा। लोगों को उम्मीद है कि जिले में इस बजट से विकास कार्य तेजी से रफ्तार पकड़ेंगे।
शासन की ओर से बुंदेलखंड के विकास को लेकर विशेष तरजीह दी जा रही है। प्रदेश स्तर से अलग-अलग योजनाओं व बजट की व्यवस्था किए जाने के अलावा अलग से यहां के लिए बजट की घोषणा की गई है। इस बजट से महोबा जिले में विभिन्न विकास कार्य हो सकेंगे। जिससे महोबा जिला भी विकास की ओर अग्रसर होगा। इसके अलावा त्वरित आर्थिक विकास योजना और स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए क्रिटिकल गैप्स योजना के तहत भी बजट में धनराशि की व्यवस्था हुई है। जिसका लाभ भी महोबा जिले को मिलेगा। बस यात्रियों को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुलभ कराए जाने के लिए बस के बेड़ों में वृद्धि के लिए बजट का लान हुआ है। इसका लाभ महोबा डिपो को मिलेगा। जिससे बसों में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा और सुगम होगी।
-
क्या बोले, विभिन्न राजनैतिक दलों के जिलाध्यक्ष
विकास को मिलेगी चहुंमुखी रफ्तार
फोटो 05 एमएएचपी 20 परिचय-अवधेश गुप्ता।
भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश गुप्ता का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बजट में युवाओं किसानों, बेरोजगारों और खेती किसानी का ख्याल रखा है। किसानों को पेंशन और कृषि की सुरक्षा का बजट देकर बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा के लिए गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी और निराश्रित महिलाओं को पेंशन जैसी तमाम योजनाओं के लिए बड़ा बजट देकर साहसिक कदम उठाया गया है। इस बजट से विकास को चहुंमुखी रफ्तार मिलेगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बजट को बताया चुनावी रेवड़ी
फोटो 05 एमएएचपी 21 परिचय-तुलसीदास राजपूत।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष तुलसीदास राजपूत का कहना है कि भाजपा सरकार का यह बजट एक चुनावी रेवड़ी है। महंगाई चरम पर है। खानापूर्ति करके प्रदेश सरकार चुनावी लाभ लेना चाहती है। बजट में किसानों के हित में न तो उनकी उपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि हुई है और न ही डीजल, खाद व बीज में भी कोई छूट मिली। किसान मजदूर विरोधी इस बजट से आगामी चुनाव में भी सरकार को कोई लाभ होने वाला नहीं है।
सरकार का यह बजट किसान व मजदूर के हित में नहीं
फोटो 05 एमएएचपी 22 परिचय-शोभालाल यादव।
सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट किसान मजदूर के हित में नहीं है। खाद, बीज, डीजल और रोजगार की समस्या से जूझने वालों के हित में बजट में कुछ भी नहीं है। बेरोजगारों के लिए कोई सुविधाओ और नई योजनाएं को नहीं लागू किया गया । भाजपा सरकार का बजट महज आगामी चुनाव को देखते हुए लाभ के उद्देश्य से तैयार किया गया। बजट के नाम पर एक लोक लुभावन खाका पेश किया है।
यह बजट चुनावी हित के लिए ज्यादा जन कल्याण के लिए कम
फोटो 05 एमएएचपी 23 परिचय-राजेश सिद्धार्थ।
बसपा जिलाध्यक्ष राजेश सिद्धार्थ का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पार्टी के चुनावी हित का ज्यादा और जन कल्याण व जनहित का कम लगता है। सरकार की विभिन्न घोषणाएं अपनी जगह लेकिन क्या सरकार ने पूर्व में की गई घोषणाएं पूरी की हैं जनता को इसका मूल्यांकन करना चाहिए। प्रदेश सरकार को चाहिए कि केवल हवा-हवाई घोषणाएं और वादे करने की बजाय जमीनी स्तर पर योजनाएं व कानून व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करे। ताकि बेरोजगारों, महिलाओं, किसानों व आम जनता का विकास हो सके।