बिजली जुल्म के खिलाफ 19 दिन से अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को आल्हा चौक के स्मारक पर पहुंच नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने वीर आल्हा के सामने शपथ ली कि बुंदेली समाज का सामूहिक उपवास व अनशन तब तक जारी रहेगा।
जब तक प्रदेश सरकार अकाल की मार से जूझ रहे बुंदेलों को बिजली जुल्म से मुक्ति नहीं दिलाती। साथ ही 200 यूनिट तक एक माह में बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल माफ नहीं किए जाते।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने बताया कि अकाल जैसे हालात में यहां की भूखी प्यासी जनता से रिकार्ड तोड़ वसूली की गई। साथ ही मनमाने बिल भेजे व बिजली काटने की धमकी देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पंजाब जैसे राज्य में 10 साल से किसानों को मुफ्त बिजली मिल रही है। दिल्ली में केजरीवाल सरकार 150 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है।
साथ ही 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन अकाल ग्रस्त बुंदेलखंड की बदहाल जनता पर बिजली जुल्म हो रहा है। बुंदेली समाज के संरक्षक सुखनंदन सिंह यादव व अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि अकाल की मार से जूझ रहे बुंदेलखंड को देश में सबसे मंहगी बिजली दी जा रही है।
इस मौके पर तारा पाटकार, सुखनंदन सिंह यादव, अरुण चतुर्वेदी, सूरज प्रकाश खरे, रामदत्त तिवारी, योगेश गुप्ता, राम भरोसे शुक्ला, जागेश्वर अनुरागी, निसार अहमद, राज कुमार द्विवेदी, अशोक पाटकार, राहुल दीक्षित, गौरव मिश्रा आदि रहे।